गाजियाबाद, ( संवाददाता ) हिंदी भवन समिति द्वारा इस्मत चुगताई व प्रेमचंद की कहानी पर आधारित दो नाटक 'घरवाली' और 'बड़े भाईसाहब' का आयोजन हिंदी भवन के दिनेश चंद गर्ग सभागार में किया गया। इन हास्य नाटकों की प्रस्तुति नटसम्राट,दिल्ली द्वारा की गई एवं नाटकों का निर्देशन रोहित त्रिपाठी द्वारा किया गया। इस हास्य नाटकों के सयोंजक ललित जयसवाल रहे।
आज के हास्य नाटिका घरवाली में एक बच्ची जो सड़क पर रहने वाली है उस की शादी बड़े घर मे हो जाती है लेकिन उस की आदतें वही बचपन की रहती है वो अपनी आदतों को बदल नही पाती है नाटक की सारी कहानी इसी लड़की के चारो तरफ घूमती रहती है।
बड़े भाईसाहब नाटक में दो भाई को केंद्रित करके कहानी लिखी गई है इस मे बड़ा भाई हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देता है वही छोटा भाई पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद की तरफ भी ध्यान देता है हालात कुछ ऐसे बनते है छोटा भाई बड़े के बराबरी वाली क्लॉस में पहुँच जाता है। नाटक का सार पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद एवम अन्य जीवन कार्यो को भी करते रहना चाहिए रहता है।
हास्य नाटिका घरवाली के मुख्य पात्र घरवाली-आकृति सक्सेना, मिर्जा-सौरभ परमार्थ, सूत्रघार-सोनल सुनेल, मिठुवा -अमित कुमार, पानवाला-धनन्जय शर्मा रहे। बड़े भाईसाहब नाटक में बड़े भाईसाहब-अमित कुमार, छोटा भाई-योजन दत्त, अभषेक- दिनेश अग्रवाल, अमित, किशन कुमार ने बहुत खूबी अभिनय करा।
इस हास्य नाटिका की सुंदर प्रस्तुति को देखकर हिंदी भवन में उपस्थित सभी दर्शकों को अपनी हंसी रोकी नहीं गई। मंच का संचालन डॉ शिखा गर्ग ने किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि कुँवर बेचैन ने नाटक के निर्देशक को स्मृति चिन्ह देकर हौसला अफजाई करी। इस अवसर पर मुख्य रुप से सतीश चंद गोयल, योगेश गर्ग,सुभाष गर्ग, बलदेव राज शर्मा, अश्वनी शर्मा एवम नीरज गोयल आदि गणमान्य उपस्थित रहे जिन्होंने नाटक के कलाकारों का ताली बजाकर उत्साहवर्धन किया।



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