शिर्डी, ( संवाददाता ) श्री साईबाबा संस्थान, शिर्डी की ओर से आयोजित भारत तथा दुनिया के अन्यत देशों में स्थित साई मंदिरों के प्रतिनिधियों की जागातिक साईमंदिर विश्व्स्तय परिषद ( ग्लोेबल साई टेम्पटल ट्रस्टन समिट) का उदघाटन शनिवार दिनांक 23 दिसंबर 2017 को प्रातः 11 बजे भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री.व्यंकय्या नायडू जी के पावन करकमलों व्दारा होगा। यह जानकारी संस्थान के अध्यक्ष डॉ.सुरेश हावरे जी ने आज एक पत्रकार संम्मेलन मे दी।
इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष श्री.चंद्रशेखर कदम तथा विश्वस्त श्री प्रताप भोसले उपस्थित थे। डॉ.हावरे ने कहा कि श्री साईबाबा समाधी शताब्दी् समारोह दिनांक 1 ऑक्टोबर 2018 की अवधी में संपन्न् होगा तथा इस अवधी में विविध धार्मिक, सांस्कृकतिक, सामाजिक तथा प्रबोधनात्मक आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस विशेष समारोह में सभी साई मंदिरों के सहभाग हेतू गत वर्ह की तरह इस वर्ष भी जागतिक साईमंदिर विश्वस्त परिषद (ग्लोकबल साई टेम्पिल ट्रस्टस समिट) का आयोजन किया गया है। इस जागतिक साईमंदिर विश्वस्त परिषद का उदघाटन शिर्डी के साईनगर मैदान में शनिवार दिनांक 23 दिसंबर 2017 को प्रातः 11 बजे भारत के उपराष्ट्रपति श्री व्यैकय्या नायडू जी के पावन करकमलों व्दारा होगा। इस अवसर पर 23 दिसंबर को शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक श्री रुपकुमार जी तथा श्रीमती सोनाली राठौड का साईभजन संध्याम कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस परिषद में सहभागी होने हेतू जिन साई मंदिरों ने अभी तक अपना नाम दर्ज नही कराया है वे अपने साई मंदिर का पता एवम् मोबाईल नंबर तथा ई-मेल आदि जानकारी संस्थान की अधिकृत वेबसाईट प.वतह.पद पर दिए हूए विवरण पत्र में जल्द से जल्द भरें।
श्री साईबाबा समाधी शताब्दी के अवसर पर सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वाविद्यालय में श्री साईबाबा अध्या्सन शुरु किए जाने का निर्णय भी लिया गया है तथा इस विश्वसविद्यालय की मान्यता मिल चुकी है। इस शैक्षणिक वर्ष से यह अध्यासन अपना कार्य शुरु करेगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अधीन प्लं्बर कोशल में रोजगारक्षम २ महिने कालावधी का एक प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्था के औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में पुणे स्थित ज्ञानदा इंस्टीट्यूट ऑफ फ्लो पाईपिंग टेक्नॉलॉजी के मार्गदर्शन मे शुरु किया जा रहा है। इस से जिले के छात्रों को रोजगार मिलने में मदद मिलेगी।
श्री साईबाबा संस्थासन की ओर से पादुका दर्शन समारोह के विषय में संस्थान के उपाध्याक्ष श्री चंद्रशेखर कदम, विश्वरस्त श्री बिपीनदादा कोल्हे तथा श्री मोहन जयकर इनकी त्रिसदस्यीय समिती गठित की गई थी। अनेक सज्जनों से चर्चा के पश्चात समिती ने अपना अहवाल पेश किया है। इसके अनुसार शताब्दीक कालावधी में शिर्डी में पधारनेवाले भाविकों के मूल पादुका मंदिर परिसर के दर्शनी भाग में दर्शन के लिए रखीे जाएगी। पादुका दर्शन का कार्यक्रम यथावत होगा तथा इसमें ग्रामवासियों का सहयोग प्राप्त किया जाएगा। साईभक्तों की मॉंग के अनुसार देशभर में नकली पादुका तथा नकली कॉईन लेकर जाने की घटनाओं के साथ संस्थान की अधिकृत वेबसाईट से मिलाजुला नाम रखने वालों पर कानूनी कार्यवाही करनेका निर्णय भी संस्थाध्न द्वारा किया गया है।
पिछले कई दिनों से श्री साईबाबा के नाम से डाक टिकट जारी करने के लिए प्रयास शुरु थे। इसके अनुसार अब डाक टिकट दो भागों में होगा। इसमें से एक साईबाबा समाधी शताब्दी डाक टिकट के रुप में होगा। दूसरे भाग में केंद्र शासन द्वारा एक नए कार्यक्रम माय स्टॅम्पक के अधीन श्री साई मंदिर की प्रतिमा के साथ जिन साईभक्तों को अपनी प्रतिमा रचा हुआ डाक टिकट चाहिए उनके लिए अधिकृत डाक टिकट नाममात्र शुल्क में छाप कर उपलब्ध किया जाएगा। डॉ.हावरे ने कहा कि इस डाक टिकट का शुभारंभ दिनांक 23 दिसंबर 2017 को किया जाएगा।




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