गुजरात में शीर्ष नेताओं के रोडशो को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है ‘‘लोन वुल्फ’’ - intelligence agencies flag concerns of lone wolf attacks





नई दिल्ली: खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचना मिली है कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान एक ‘‘लोन वुल्फ’’ ‘‘बड़े नेताओं’’ के रोडशो को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है. सरकार के एक वरिष्ठ सरकारी ने कहा कि खुफिया सूचना एवं दो गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ की रिपोर्ट के आधार पर एजेंसियों ने गुजरात पुलिस को सचेत किया है कि एक ‘‘लोन वुल्फ’’ शीर्ष नेताओं के रोडशो को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है और अधिकतम एहतियात बरतने की जरूरत है. हालांकि यह तत्काल पता नहीं चला कि क्या कल यहां होने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा के रोडशो को मंजूरी ना देने के अहमदाबाद पुलिस के फैसले का खुफिया सूचनाओं से कोई संबंध है.

अहमदाबाद पुलिस आयुक्त ए के सिंह ने रोडशो के रास्तों में भारी यातायात और कुछ प्रमुख बाजारों एवं सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील तथा संकरी सड़कों वाले पुराने शहर के इलाकों को रोडशो की मंजूरी ना देने का कारण बताया. ‘लोन वुल्फ’ उस आतंकवादी को कहते हैं जो किसी संगठन से सीधे तौर पर जुड़ा नहीं होता और अकेले हमले करता है.

अधिकारी ने बताया कि गत छह नवंबर को मध्य प्रदेश में गिरफ्तार किए गए उरोज खान ने पुलिस से कथित रूप से कहा था कि उसने यहूदियों के पूजा स्थलों पर तथा गुजरात में चुनावी रैलियों के दौरान कथित रूप से ‘‘लोन वुल्फ’’ हमले करने के लिए दो संदिग्ध आईएसआईएस सदस्यों को हथियार एवं गोला बारूद की आपूर्ति करने का वादा किया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में बंद संदिग्ध आईएसआईएस सदस्य उबैद मिर्जा ने भी कथित रूप से एजेंसी से कहा था कि गुजरात में रोडशो और रैलियों के दौरान आईएसआईएस शैली के ‘‘लोन वुल्फ’’ हमले करने की योजना है.
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