दुनिया की खोज करे और हर दिन नए प्रयोग करेंः श्री शिव नादर Discover the world and use new ones every day: Mr. Shiv Nadar



आईएमटीजी दीक्षांत समारोह 2018 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद सदस्य कमलनाथ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की 

गाजियाबाद, ( प्रमुख संवाददाता )  आईएमटी गाजियाबाद (आईएमटीजी) ने 12 मार्च, 2018 को अपने परिसर में दीक्षांत समारोह 2018 आयोजित किया। श्री शिव नादर, एचसीएल के संस्थापक और अध्यक्ष, शिव नादर फाउंडेशन, इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। श्री कमलनाथ, अध्यक्ष - आईएमटी गवर्निंग काउंसिल, संसद सदस्य, और पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की  और स्नातक छात्रों को डिप्लोमा प्रदान किया।

छह कार्यक्रमों -पीजीडीएम - पूर्णकालिकय पीजीडीएम - मार्केटिंगय पीजीडीएम - वित्तय पीजीडीएम - डीसीपीय पीजीडीएम - कार्यकारीय पीजीडीएम दृ अंशकालिक में कुल 593 छात्रों ने इस साल दीक्षांत समारोह में स्नातक उपाधि प्राप्त की। इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति पुरस्कार 2018 और विशिष्ट जैन मेमोरियल अवार्ड की भी घोषणा की गई।

2018 के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों पुरष्कार सुश्री ममता साकिया, 1991 बैच की एक छात्रा, भारती फाउंडेशन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर को सामाजिक ध् उद्यमिता योगदान के लिएय और, 1990 बैच के पूर्व छात्र श्री सुधीन माथुर, विभिन्न उद्योगों अर्थात दूरसंचार, सेवा और कार्यालय ऑटोमेशन में व्यवसाय प्रबंधन और उपभोक्ता विपणन में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ एक सफल बिजनेस लीडर, को कॉर्पोरेट उत्कृष्टता के लिए दिए गए। 2005 से हर साल आईएमटी गाजियाबाद उद्योग और संस्थान में असाधारण योगदान के लिए अपने पूर्व छात्रों को एक विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार प्रदान करता रहा है।

2018 की बैच से सुश्री ईशा कौशल को एक छात्रा के रूप में उल्लेखनीय प्रभाव और उपलब्धियों की गुणवत्ता के साथ उनके सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए विशिष्ठ जैन मेमोरियल पुरस्कार विजेता घोषित किया गया। इसके अलावा, सभी छह कार्यक्रमों के शीर्षस्थ विद्यार्थियों को गोल्ड और रजत पदक के पुरस्कार के साथ स्वीकार किया गया। पदक विजेताओं की एक सूची अनुलग्नक 1 के रूप में संलग्न है...

मुख्य अतिथि श्री शिव नादर ने दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए, और छात्रों को कॉर्पोरेट जगत की वास्तविकताओं में एक झलक दिखाते हए, अपने युवा दिनों की कहानियों के माध्यम से, उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, ‘आप सभी को देखकर मुझे मेरे दीक्षांत समारोह की याद आती है। आपको यह समझना होगा कि आप में से हर एक के सामने एक लंबा जीवन है। तैयार रहें, दुनिया की खोज करें, और जीवन के साथ हर दिन नए प्रयोग करें। सपने देखें और उन्हें प्राप्त करने की कोशिश करते रहे, क्योंकि, आपके सपने हैं जो आपको दूसरों से अलग बनाते हैं। निराशाएं, विफलताओं और संदेह के क्षण आएंगे। ये सब तुम्हारा इंतजार कर रहे होंगे। लेकिन अंत में आपको यह संतुष्टि होगी कि आपने इनसे कभी हार नहीं मानी।’

श्री कमलनाथ, अध्यक्ष - आईएमटी गवर्निंग काउंसिल, ने अपने संबोधन में छात्रों से कहा, ‘ प्रौद्योगिकी रोमांचक अवसरों की पेशकश कर रही है। विश्व अर्थव्यवस्था और विश्व के सामाजिक-राजनीतिक परिवेश बहुत गतिशील हो गए हैं। शिक्षा, विशेष रूप से व्यावसायिक शिक्षा को इस व्यवधान और परिवर्तन के साथ तालमेल रखना चाहिए। मुझे खुशी है कि आईएमटी गाजियाबाद ने इन मांगों को पूरा करने के लिए एक लंबी यात्रा की है और तदनुसार अपने स्नातकों को तैयार किया है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जहाँ भी आप काम करते हैं, आपको स्वयं को तथा अपने संगठन को वर्तमान की मांगों को पूरा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना होगा। यदि आप प्रथम आने का लक्ष्य नहीं रखते हैं, आप दूसरे स्थान तक भी नहीं पहुंचेंगे। याद रखें, व्यवधान को रोकना संभव नहीं है, आपको फैसला करना है, क्या आप इनसे जीतना चाहते हैं या हारना? ’

आईएमटी गाजियाबाद के निदेशक डॉ. आतिश चट्टोपाध्याय ने स्वागत भाषण दिया और पिछले शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रमुख उपलब्धियों का सारांश प्रस्तुत किया। डॉ. अतीश ने कहा, ष्2018 की स्नातक कक्षा मेरे साथ  शामिल हुई (2016 में) और इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनी। उनमें से कुछ ने अपने आप को प्यार से श्चेंज-प्रिनर्सश् कहते हैं और उन्होंने नए प्रयासों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस साल, आईएमटी गाजियाबाद ने कार्यक्रम की वास्तुकला, पाठ्यक्रम और शिक्षण और शिक्षा के अध्यापन पर दोबारा गौर किया है। इस साल इस संस्थान ने महत्वपूर्ण निष्पादन, स्थिरता और सामाजिक दायित्व पर पाठ्यक्रमों के साथ मिलकर क्रिटिकल और एनालिटिकल थिंकिंग, डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन जैसे अनुभवात्मक पाठ्यक्रम पेश किए हैं जिन्होंने, हमें विश्वास है कि, सफलतापूर्वक नेतृत्व विकास की नींव रखी है। ’

कुछ नई आगामी प्रयासों के बारे में बताते हुए डॉ. अतीश ने कहा, ‘आज जब हम उद्योग 4.0 के समर्थन में शिक्षा 4.0 की बात करते हैं, हमने पहले से ही इस पर काम करना शुरू कर दिया है। हम आईएमटी में मीडिया और एंटरटेनमेंट, डिजिटल मीडिया और उपभोक्ता अंतर्दृष्टि, वित्त (ब्लूमबर्ग के साथ एकीकृत) और सेप नेक्स जैन लैब के क्षेत्रों में अभ्यास प्रयोगशालाओं के माध्यम से अनुभवात्मक और प्रयोगशाला आधारित शिक्षा पर जोर देते हैं।’ 

दीक्षांत समारोह का समापन राष्ट्रीय गान और प्रोसेसन के साथ किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि श्री शिव नादर और आईएमटी के अध्यक्ष श्री कमलनाथ के साथ एक संक्षिप्त मीडिया वार्ता आयोजित की गई।



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