नयी दिल्ली, ( भाषा) पिछले कई साल से कैंसर से जंग लड़ रहे वरिष्ठ पत्रकार रंजन रॉय काकल निधन हो गया। वह57 वर्ष के थे। आज सुबह यहां उनका अंतिम संस्कार सम्पन्न हुआ। उनके अंतिम संस्कार में उनके परिवार के सदस्य और उनके कई पत्रकार साथी एवं मित्र शामिल हुए।
रॉय टाइम्स न्यूज नेटवर्क( टीएनएन) के प्रमुख एवं अखबारों के नेशनल एडिटोरियल बोर्ड के सदस्य थे।
दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज एवं अमेरिका में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के छात्र रहे रॉय ने अपने पत्रकारीय कॅरियर की शुरुआत वर्ष1982 में नयी दिल्ली स्थित प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया( पीटीआई) में प्रशिक्षु पत्रकार के तौर पर की थी।
‘ टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने आज रंजन रॉय को याद करते हुए‘‘ रंजन रॉय: द मैन हू रैन द नेटवर्क’’ शीर्षक से उनका जीवन परिचय प्रकाशित किया। इसने लिखा, ‘‘... वर्ष2004 में टाइम्स न्यूज नेटवर्क( टीएनएन) के प्रमुख के तौर पर भारत लौटने से पहले रंजन ने नयी दिल्ली में प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) और कुआलालंपुर एवं न्यूयार्क में एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के जरिए उल्लेखनीय योगदान दिया।’’
पीटीआई के प्रधान संपादक विजय जोशी ने रॉय के निधन पर संवेदना प्रकट की है। विजय जोशी वर्ष1980 के दशक के आखिर में समाचार एजेंसी पीटीआई और वर्ष1990 के दशक के आखिर में एपी में रॉय के साथ काम कर चुके हैं।
जोशी ने कहा, ‘‘ सभी अच्छे पत्रकारों की तरह रंजन स्वभाव से आलोचक थे और एक रिपोर्टर के तौर पर वह बहुत जिज्ञासु प्रवृत्ति के थे। वह वैचारिक रूप से बहुत दृढ़ लेकिन साथ ही शैक्षणिक रूप से प्रबुद्ध थे। वह बेहतरीन संपादक, मार्गदर्शक एवं प्रेरक थे।’’
जोशी ने कहा, ‘‘ जो चीजें मुझे झकझोरती हैं वह बीमारी का पता चलने के बावजूद जीवन के प्रति उनका नजरिया था और आखिरकार उन्हें मृत्यु प्राप्त हुई। अंतत: मौत उन्हें धीरे-धीरे अपने आगोश में खींच रही थी लेकिन फिर भी उन्होंने इसकी भनक नहीं लगने दी और अंत तक उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। अगर वह होते भी, तब भी वह अपने आस पास मौजूद लोगों को इसका पता नहीं चलते देते।’’
टाइम्स ऑफ इंडिया ने उनके‘‘ शानदार व्यक्तित्व’’ को याद किया और यह उल्लेख किया कि किस तरह से टीएनएन के प्रमुख के तौर पर उन्होंने बहुत बारीकी से भारत भर से खबरों पर काम किया।
रॉय के परिवार में उनके माता पिता, पत्नी एवं बेटा हैं।



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