लखनऊ , बहुजन समाज पार्टी से निकाले गए पूर्व सांसद बृजेश पाठक आज ही भाजपा का दामन थाम लिए । बहुजन समाज पार्टी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पूर्व सांसद बृजेश पाठक का बसपा से निकाल दिया है।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बृजेश पाठक को पार्टी से निकाल दिया गया है। काफी समय से वह पार्टी की नीतियों के खिलाफ काम कर रहे थे। दूसरी तरफ, बृजेश पाठक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं।
बताया जाता है कि पार्टी में ब्राह्मण भाईचारा कमेटी में पर्याप्त जगह नहीं मिलने से वह उपेक्षित महसूस कर रहे थे। वह बसपा में महत्वपूर्ण ब्राह्मण नेता समझे जाते थे। वह उन्नाव से 2004 में सांसद चुने गए थे और 2008 में राज्यसभा सदस्य थे। इससे पहले उनके सगे बड़े भाई को ढाई महीने पहले बसपा से निकाला जा चुका है।
वहीं उनके साले व पूर्व एमएलसी गुड्डू त्रिपाठी को भी लगभग दो महीने पहले बसपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। पाठक इससे भी असंतुष्ट थे। गौरतलब है कि इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्या आरके चैधरी समेत कई बड़े नेता बसपा छोड़ चुके हैं।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बृजेश पाठक को पार्टी से निकाल दिया गया है। काफी समय से वह पार्टी की नीतियों के खिलाफ काम कर रहे थे। दूसरी तरफ, बृजेश पाठक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं।
बताया जाता है कि पार्टी में ब्राह्मण भाईचारा कमेटी में पर्याप्त जगह नहीं मिलने से वह उपेक्षित महसूस कर रहे थे। वह बसपा में महत्वपूर्ण ब्राह्मण नेता समझे जाते थे। वह उन्नाव से 2004 में सांसद चुने गए थे और 2008 में राज्यसभा सदस्य थे। इससे पहले उनके सगे बड़े भाई को ढाई महीने पहले बसपा से निकाला जा चुका है।
वहीं उनके साले व पूर्व एमएलसी गुड्डू त्रिपाठी को भी लगभग दो महीने पहले बसपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। पाठक इससे भी असंतुष्ट थे। गौरतलब है कि इससे पहले स्वामी प्रसाद मौर्या आरके चैधरी समेत कई बड़े नेता बसपा छोड़ चुके हैं।



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