चुनावी घोषणापत्र जारी करने का अधिकार खो चुकी है भाजपा : मायावती BJP manifesto has lost the right to issue: Mayawati



लखनऊ,  (भाषा)  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव के मद्देनजर आज जारी घोषणापत्र को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला करार देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त किये गये वादों से मुकरने वाली यह पार्टी घोषणापत्र जारी करने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।
मायावती ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा यहां जारी किये गये चुनावी घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान किये गये वादों को पूरा करने में बुरी तरह नाकाम रही है। ऐसे में इस पार्टी को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा और उनके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी ने अपने घोषणापत्र में उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की जनता से तरह-तरह के प्रलोभन दिये थे और जो अच्छे दिन दिखाने के वादे किये थे, वे पूरे नहीं किये। भाजपा का आज जारी घोषणापत्र प्रदेश की जनता की आंख में धूल झोंकने वाला है।
मायावती ने कहा कि भाजपा के सभी चुनावी वादे केन्द, के एजेंडे से अधिकांशत: गायब हो गये हैं। भाजपा ने केन्द, में अपनी सरकार के करीब तीन साल गुजरने के बावजूद अपने उन वादों में से अब तक एक चौथाई भी वादे पूरे नहीं किये।
उन्होंने आशंका जतायी कि भाजपा उत्तर प्रदेश की सत्ता में आने पर मद में चूर होकर आरक्षण को खत्म कर देगी।
उन्होंने कहा कि वह आगामी एक फरवरी से मैं अपना प्रचार अभियान शुरू करेंगी। उसमें जो वादे किये जाएंगे, उन्हें सरकार बनने पर पूरा करूंगी। इस बीच, कांग्रेस ने भी भाजपा के घोषणापत्र कको ‘झूठ का पुलिन्दा’ करार देते हुए
कहा कि इस पार्टी ने अपने झूठ को छिपाने के लिए राम मन्दिर का राग फिर से अलापा है।
जनता जानती है कि भाजपा राम को भी धोखा देने में पीछे नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि नोटबंदी के दौरान छोटे-छोटे कामगारों को कितना नुकसान हुआ और कितनी नौकरियां खत्म हो गयीं, इसका भी कोई जिक्र भाजपा के घोषणा पत्र में नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खनन माफियाओं के खिलाफ टास्क फोर्स बनाने की घोषणा कर रहे हैं लेकिन सर्वाधिक खनन भाजपा शासित छत्तीसगढ़, झारखण्ड एवं मध्य प्रदेश में हो रहा है, क्या इन तीनों राज्यों की भाजपा सरकारों ने कोई टास्क फोर्स बनाया है। क्या छत्तीसगढ़, झारखण्ड एवं मध्य प्रदेश की सरकारों ने अपने यहां खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने का कोई कार्यक्रम चलाया है? बब्बर ने कहा कि भाजपा का घोषणा पत्र/संकल्प पत्र पूरी तरह गुमराह करने वाला, झूठे वायदों पर आधारित और झूठ का दस्तावेज है।




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