साहित्यिक गतिबिधियों का संगम बना विश्व पुस्तक मेला Create a blend of literary Gtibidion World Book Fair



नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) विश्व पुस्तक मेले में विभिन्न सरकारी प्रकाशक भाग ले रहे है, जिनमें शामिल हैं:- प्रकाशन विभाग, साहित्य अकादेमी, प्रसार भारती, गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति, इग्नू आदि।
इन सभी प्रकाशकों को मेले में आने वाले पुस्तक प्रेमियों की बहुत अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है।
बाल मंडप

हाॅल सं. 14 में प्रवेश करने के लिए लंबी कतारें यही दर्शाती हैं कि देश के युवाओं में पुस्तकें पढ़ने की बहुत ललक है। आज भी बाल मंडप पर विभिन्न स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों से आए बच्चों ने अनेक रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। आज इस मंडप पर श्रद्धा मंदिर स्कूल से आए बच्चों ने ‘माइम’, मूक नाटक प्रस्तुति के जरिये यहाँ उपस्थित सभी बच्चों को ‘पानी बचाओ, जीवन बचाओ’, ‘जल ही जीवन है’ की शिक्षा दी। इस मंच पर ‘चेतना इंडिया’ स्वयंसेवी संगठन से आए बच्चों ने विभिन्न विषयों जैसे हम पंछी उन्मुक्त गगन के, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, बोलने से पहले सोचो आदि प्रेरणात्मक कविताओं का पाठ किया।
थीम मंडप
थीम मंडप में कार्यक्रमों की शुरुआत ‘बृहदारण्यक’ उपनिषद पर आधारित ‘गार्गी-संवाद‘ शीर्षक लघु नाटक की प्रस्तुति से हुई। इस कार्यक्रम में डाॅ. धर्मेंद्र कुमार सिंहदेव एवं श्रीनाट्यम वृंद ने प्रस्तुति की। दर्शकों ने इस लघु नाटक में गहरी रुचि दिखाई। इस मंच पर आज असमिया फिल्मकार, मंजू बोरा के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहाँ मंजू बोरा की फिल्म ‘जोइमति द सेवियर’ का प्रदर्शन किया गया व उन्होंने अपनी फिल्मी-यात्रा के अनुभव सभी के साथ साझा किए। यहाँ एनबीटी की निदेशक, डाॅ. रीता चैधरी भी उपस्थित थीं। उर्दू शायरी एवं गज़ल प्रेमियों के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद द्वारा ‘मुशायरा’ आयोजित किया गया जिसमें  शाइस्ता यूसुफ, तरन्नुम रियाज, वसीम राशिद, नसीम निकहत, गज़ल जै़गम, कमर सुरूर, नुसरत मेहदी उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन शोएब रज़ा फातिमी द्वारा किया गया। यहाँ देश भर से आई शायराओं ने साहित्यिक शायरियाँ सुनाईं जिससे थीम मंडप का माहौल शायराना हो गया। इनकी शायरी को श्रोताओं ने अत्यंत सराहा।
साहित्य मंच

साहित्य मंच पर राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा ‘साहित्य के प्रतिमान’ विषय पर परिचर्चा रखी गई जिसके संचालक रामशरण गौड़ थे। यहाँ वक्ताओं ने भारतीय साहित्य की विभिन्न शैलियों मुख्यतः ‘उपन्यासों’ पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि साहित्य की सकारात्मक सोच से ही हम प्रतिमानों को एक नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वैदिक अध्ययन विश्व समिति, नई दिल्ली के अध्यक्ष, प्रो. भूदेव शर्मा; प्रो. भुवनेश्वर प्रसाद, ज़ाकिर हुसैन महाविद्यालय के प्रोरमेश मेहता तथा मनोज कुमार उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय साहित्य के प्रतिमान के व्यापक रूप को बड़े विस्तार से समझाया।
आज इसी म ंच पर राष्ट्रीय टिकट संग्रहालय और भारतीय डाक के संयुक्त तत्वावधान में ‘माई स्टैम्प: टिकट संग्रहण पर चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलक गुप्ता मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने टिकट संग्रहण की तकनीकी बारीकियों एवं संग्रहण में आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा की। आज साहित्य मंच पर मिशन भारतीयम आगाज-ए-दोस्ती द्वारा ‘सीमाओं के परे कला’ विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें लेखिका एवं कवयित्री, कमला भसीन, डाॅदीप्ति प्रिया मेहरोत्रा तथा धनंजय त्रिपाठी उपस्थित थ े। यहाँ उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को सीमाओं में न बाँधें, उन्हें अपनी रचनात्मकता दिखाने के अवसर दें। कला को सीमाओं में नहीं बाँधा जा सकता।
आज मेले के हाॅल सं. 7 में बने इवेंट काॅर्नर पर लोकसभा टी.वी. द्वारा ‘पुस्तकें, समाज और सरोकार’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई जिसमें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष, श्री बल्देव भाई शर्मा; लेखिका, डाॅ रश्मि तथा लेखक एव ं पत्रकार प्रो. अरुण भगत उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने समाज को  बेहतर बनाने में साहित्य के महत्वपूर्ण योगदान पर बातचीत की।
कल बाॅलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री आशा पारेख भी नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में भाग लेंगी। वे खालिद मोहम्मद के साथ अपनी जीवनी पर आधारित बातचीत करेंगी।




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