अंजलि हत्‍याकांड मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को फांसी - nithari killings maninder singh pandher and surinder koli sentenced to death





गजियाबाद : गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को अंजलि हत्‍याकांड मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है. अदालत ने दोनों को आईपीसी की धारा 364, 302, 376, 120 बी और 201 के तहत दोषी करार दिया था.



सीबीआई कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अंजलि हत्‍याकांड को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माना और दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई. कोर्ट ने फैसले में कहा कि दोनों दोषियों को तब तक फांसी के तख्ते पर लटकाया जाए, जब तक उनके प्राण ना निकल जाएं.



जनवरी 2015 - रिम्पा हलदर हत्या मामले में सुरिंदर कोली की फांसी की सजा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उम्र क़ैद में तब्दील किया.

अक्टूबर 2014- सुरिंदर कोली की फांसी पर पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज की गई. उसे रिम्पा मामले में मौत की सजा दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सुरिंदर कोली की फांसी की सज़ा पर अक्तूबर 29 तक के लिए रोक लगाई.

मई 2010- सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सुरिंदर कोली को सात वर्षीय आरती की हत्या का दोषी करार दिया लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट सितंबर के महीने में ही पंढेर को बरी कर चुका थात जबकि कोली की सजा बरकरार रखी गई थी.

मई 2007 - सीबीआई ने पंढेर को अपनी चार्जशीट में 15 साल की रिम्पा हलदर के अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपमुक्त कर दिया था. लेकिन बाद में अदालत की फटकार के बाद सीबीआई ने पंढेर को इस मामले में सह-अभियुक्त बनाया. पंढेर और कोली को दोषी क़रार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई गई.

फरवरी से अप्रैल 2007 - कोली और पंढेर को 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजा गया और पिंकी के कंकाल की पहचान उसके सलवार सूट और चप्पलों से हुई.

जनवरी 2007 - मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली को पुलिस नार्को टेस्ट के लिए गांधीनगर ले कर गई. सीबीआई ने मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरिंदर कोली से पूछताछ की और कुछ ही दिनों में जांच करने के लिए निठारी पहुंची जहां से और भी हड्डियां बरामद की गईं. इसी महीने इन दोनों के साथ  गाजियाबाद की एक अदालत परिसर में मारपीट हुई जब उन्हें पेशी के लिए वहां ले जाया गया था.
Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment