गाजियाबाद, ( प्रमुख संवाददाता ) जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी कलेक्टेªट सभागार में पर्यावरण मित्रों व सम्बन्धित विभागों के साथ प्रदूषण प्रबन्धन एप का शुभारम्भ कर रही थी। एप के संचालन के सम्बन्ध में राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी संजय अग्रवाल पर्यावरण मित्रों व नगर निगम विकास प्राधिकरण प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे थे।
उन्होने बताया कि प्रदूषण का अर्थ है प्रकृति के संतुलन में दोष पैदा होना शुद्व वायू, शुद्व जल, शुद्व खाद्यय पदार्थ एवं शान्त वातावरण न मिलना प्रदूषण को बढाने में कारखाने विभिन्न उद्योग एसी0फ्रिज व वाहन अहम है। पानी में कूडा कचरा कारखानों का गन्दा पानी मिलने से जल प्रदूषण होता है। ध्वनि प्रदूषण वाहनों के तेज हार्न से, लाउडस्पीकर इत्यादि से होता है। उन्होने बताया कि जनपद गाजियाबाद में प्रदूषण के क्षेत्र में पर्यावरण मित्र अच्छा कार्य कर रहे है। नागरिक सुरक्षा कर्मियों को ही पर्यावरण मित्र बनाया गया है प्रदूषण खुले में पडे कचरे के ढेर खुले में कचरा जलाना रोड साईड पर पानी का छिडकाव न करना निर्माण सामग्री का खुला रखना, पाॅलीथिन उपयोग वृक्षारोपण के लिए स्थल की सही पहचान न करना स्वीपिंग मशीनों के द्वारा सफाई न करना जिम्मेदार है। ओद्यौगिक उत्सर्जन, वाहन उत्सर्जन निर्माण विध्वंस की गतिविधि नगर निगम व प्राधिकरण के वृक्षों की हरियाली की स्थिति भी सहायक है।
सूचना विज्ञान अधिकारी ने एप का प्रशिक्षण देते हुये कहा कि यह पैरामीटर निर्देशित श्रेणियों पर डाटा एकत्रित करेगा। लाॅगिन के्रडेशियल एन0एम0जी0 वार्ड वार होगें। सीडी 001 सीडी 101 (101 को राजनगर एक्सटेन्सन को सौपा गया र्है।) और पास वार्ड सम्बन्धित पर्यावरण मित्र के मोबाईल नंम्बर के अन्तिम चार अंक है। पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए किसी भी रिपोट पर टिप्पणी कर सकते है। किसी भी अप्रासंगिक को हटा/स्वीकार कर सकते है प्रशिक्षण के अन्त में जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निगम में सफाई से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान नही हो पा रहे है। ग्रीन वेल्ट में नियमित रूप से पानी डाला जाये। जिन प्रकरणों का समाधान नही हो पा रहा है सम्बन्धित विभाग संयुक्त रूप से मिलकर करें। रिर्पोटिग सिस्टम ठीक करें। 15 बिन्दुओं के प्राथमिकता वाले कार्य जरूर किये जाये। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण प्रदूषण विभाग व यातायात पुलिस विशेष तौर पर कार्य करें। सभी लोग इस एप को यूज करे। नियमित रूप से इसका उपयोग किया जाये। गाजियाबाद के वातावरण को कैसे वेहतर बनाया जाये इसके लिए यह एप बनाया गया है इससे गाजियाबाद के विकास में वेहतर प्रगति होगी। यही इस एप का उद्देश्य है।
प्रशिक्षण में अपर जिलाधिकारी नगर, अपर नगर आयुक्त, डिप्टी कलेक्टर, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियन्ता यातायात पुलिस अधीक्षक, चीफ वार्डन नागरिक सुरक्षा, व सभी पर्यावरण मित्र उपस्थि रहे।


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