सिवान के पूर्व संसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की तरह ही मोकामा के विधायक अनंत सिंह को दो मामलों में मिली जमानत को निरस्त करने के लिए मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से जिला जज पटना के यहां अर्जी लगाई गई. जिसकी सुनवाई बुधवार को की जायेगी. जमानत रद्द करने का आवेदन जिला लोक अभियोजक गजेंद्र प्रसाद यादव ने एसके पुरी थाना के कांड संख्या 301/14 और 404/13 में दाखिल किया. इसमें निवेदन किया गया कि अभियुक्त हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार रखने के आधा दर्जन से अधिक मामलों में आरोपित है और इसके जेल से बाहर आने पर केस के सूचक व गवाहों में जबरदस्त आतंक व्याप्त हो जायेगा.
इसकी पूरी आशंका है कि विधायक के खिलाफ कोर्ट में कोई भी गवाह गवाही देने तैयार न हो. अनंत सिंह को विभिन्न मामलों में मिली जमानत को खारिज करने के लिए डीएम भी अनुशंसा की है.
इस बात की गुप्त रिपोर्ट बाढ़ के थानाप्रभारी संजय कुमार ने जांच-पड़ताल के बाद 14 सितंबर को दी थी. इसमें लिखा गया था कि स्थानीय लोग अनंत सिंह को छोटे सरकार के नाम से पुकारते हैं और शेर की उपाधि देते हुए कहते हैं कि उनको प्रशासन कब तक जेल में बंद रख पाने में समर्थ होगा. छोटे सरकार इलाके के राजा हैं और उनके खिलाफ कोई गवाही नहीं देगा. उनका संबंध हाइ क्रिमिनल के साथ जुड़ा हुआ है. जेल में रहते हुए भी वे मामले के विचारण में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं. इस मामले में डीएम ने 19 सितंबर को जमानत रद्द करने की अनुशंसा की थी.
इसकी पूरी आशंका है कि विधायक के खिलाफ कोर्ट में कोई भी गवाह गवाही देने तैयार न हो. अनंत सिंह को विभिन्न मामलों में मिली जमानत को खारिज करने के लिए डीएम भी अनुशंसा की है.
इस बात की गुप्त रिपोर्ट बाढ़ के थानाप्रभारी संजय कुमार ने जांच-पड़ताल के बाद 14 सितंबर को दी थी. इसमें लिखा गया था कि स्थानीय लोग अनंत सिंह को छोटे सरकार के नाम से पुकारते हैं और शेर की उपाधि देते हुए कहते हैं कि उनको प्रशासन कब तक जेल में बंद रख पाने में समर्थ होगा. छोटे सरकार इलाके के राजा हैं और उनके खिलाफ कोई गवाही नहीं देगा. उनका संबंध हाइ क्रिमिनल के साथ जुड़ा हुआ है. जेल में रहते हुए भी वे मामले के विचारण में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं. इस मामले में डीएम ने 19 सितंबर को जमानत रद्द करने की अनुशंसा की थी.



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