माना जा रहा है कि कुल 11 प्रत्याशियों में से अगर किसी के नामांकन को रद्द नहीं किया गया तो बाद में दो प्रत्याशी नाम वापस लेंगे.
लखनऊ, ( शांतिदूत न्यूज नेटवर्क ) उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों पर 23 मार्च को होने वाला चुनाव दिलचस्प मोड़ लेता दिख रहा है. नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित बीजेपी के 11 प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल कर सियासी भूचाल ला दिया. बता दें कि इसी चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने जया बच्चन और बहुजन समाज पार्टी ने भीमराव आम्बेडकर को प्रत्याशी बनाया है.
बीजेपी ने पहले अरुण जेटली और रविवार रात 7 और प्रत्याशियों की घोषणा की. उन्होंने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. लेकिन इसके बाद नवीं सीट के लिए बीजेपी ने कारोबारी अनिल अग्रवाल का पर्चा दाखिल करवा दिया. सियासत अभी भी यहां थमी नहीं थी. खबर आई कि शायद किसी प्रत्याशी का पर्चा किसी त्रुटि के कारण खारिज भी हो सकता है. अचानक विधानसभा के टंडन हॉल में गहमागहमी तेज हो गई और बीजेपी की तरफ से 10 और 11वें प्रत्याशियों ने भी पर्चा दाखिल कर दिया. विद्यासागर सोनकर और सलिल विश्नोई ये प्रत्याशी हैं.
माना जा रहा है कि कुल 11 प्रत्याशियों में से अगर किसी के नामांकन को रद्द नहीं किया गया तो बाद में दो प्रत्याशी नाम वापस लेंगे. कारण ये है कि संख्या बल के लिहाज से बीजेपी 8 सीटों पर तो आसानी से जीत दर्ज करेगी. लेकिन इसके बाद एक और नवीं सीट के लिए उसे जोड़तोड़ का सहारा लेना पड़ेगा. वहीं समाजवादी पार्टी 47 विधायकों के साथ एक सीट जीतने में पूरी तरह सक्षम है. दिलचस्प ये है कि शेष बची एक सीट के लिए एक तरफ बीजेपी खड़ी होगी, वहीं दूसरी तरफ बसपा. बता दें बसपा ने प्रत्याशी के ऐलान से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से समर्थन मांगा था. सोमवार को ही सपा और कांग्रेस ने बसपा प्रत्याशी को समर्थन का ऐलान कर दिया था.



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