नकदी का कोई संकट नहीं है: आरबीआई - shortage in some pockets due to logistical issues rbi





नई दिल्ली: देश में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, बिहार और चुनाव वाले कर्नाटक राज्य के कई हिस्सों में नकदी की किल्लत की खबरों ने मंगलवार सुबह से ही तूल पकड़ने लगीं. आनन-फानन में सरकार ने स्पष्टीकरण दिया और इसे फौरी कमी बताया है. पिछले तीन माह के दौरान नकदी की मांग में अचानक आई तेजी को इसकी वजह बताया. अब भारतीय रिजर्व बैंक का भी इस मसले पर बयान आया है. आरबीआई ने अपने बयान में दावा किया है कि नकदी का कोई संकट नहीं है. रिजर्व बैंक ने अपने बयान में कहा कि चारों नोट छापने की प्रेस में छपाई का काम तेज कर दिया गया है. देश के कुछ हिस्सों में नकदी की जो कमी दिख रही है वह लॉजिस्टिक्स कारणों से है. वॉल्ट और करेंसी चेस्ट में पर्याप्त नकदी है.


नकदी की कमी और खाली एटीएम की खबरों के बीच सरकार ने 500 रुपये के नोट की छपाई पांच गुना अधिक करने का फैसला किया है. जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने कहा, "देश में नकदी की कमी नहीं है. अभी 18 लाख करोड़ रुपये की नकदी चलन में है. इतनी ही नकदी नोटबंदी से पहले चलन में थी, हम मांग बढ़ने पर आपूर्ति के लिए 2.5-3 लाख करोड़ नकदी अतिरिक्त रखते हैं." उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से नकदी की मांग अचानक बढ़ी है.



उधर, वित्त मंत्रालय ने भी देश के कुछ हिस्सों में नकदी की तंगी होने और कुछ एटीएम में नकदी उपलब्ध नहीं होने की रिपोर्टों की पुष्टि की गई है. हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि पिछले तीन माह के दौरान देश में मुद्रा की मांग में असामान्य तरीके से मुद्रा की मांग बढ़ी है. इसमें कहा गया है कि अप्रैल माह के 13 दिन में मुद्रा आपूर्ति में 45,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में मुद्रा मांग में असामान्य तेजी आई है. वित्त मंत्रालय ने कहा है, "कैश की कोई तंगी नहीं है, इसका पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. पांच सौ, दो सौ और सौ रुपये के नोट की कोई कमी नहीं है."

वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि सरकार ने समस्या के निदान के लिये एक समिति गठित की है और अगले दो से तीन दिन में इसे हल कर लिया जायेगा. ‘‘सरकार ने राज्यवार समिति बनाई है. एक राज्य से दूसरे राज्य में मुद्रा स्थानांतरित करने के लिये रिजर्व बैंक ने समिति बनाई है. मुद्रा स्थानांतरित करने के लिये रिजर्व बैंक की अनुमति लेनी होती है.’’

उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मुद्दे पर कहा कि कुछ राज्यों में नकदी की जो अस्थाई तौर पर कमी सामने आईहै उसे दूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस समय अर्थव्यवस्था में उपयुक्त से भी ज्यादा नकदी का प्रसार है. उन्होंने ट्वीट कर कहा , ‘‘कुल मिलाकर तंत्र में सामान्य से भी ज्यादा मुद्रा प्रसार में हैं और बैंकों के पास भी इसकी कमी नहीं है. कुछ क्षेत्रों में  "अचानक और असाधरण तरीके से (मांग में हुई बढ़ोतरी)’’ के कारण जो तंगी की स्थिति बनी है उसका समाधान किया जा रहा है."
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